लाखो दिलों में राज करने वाले भोजपुरी स्टार कभी बेंचते थे लिट्टी-चोखा, अपनी मेहनत से पाया यह मुकाम

भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री के फेमस सुपरस्टार खेसारी लाल यादव को आज के समय में शायद ही कोई हो जो इनका नाम न सुना हो या इनकी फिल्मों और गानों को न देखा हो। खेसारी लाल यादव आज जिस ऊँचाई पर बनें हुए हैं, यहाँ पहुँचने के लिए उन्होंने बहुत संघर्ष किया है। आपको बता दें कि उनके इस मुकाम तक पहुँचने में उनकी पत्नी का भी ख़ास रोल है। खेसारी का भी नाम उन्हीं सफ़ल आदमियों में आता हैं, जिनकी सफलता के पीछे किसी औरत का हाँथ होता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि खेसारी का जन्म बिहार के छपरा जिलें में 5 मार्च 1986 को हुआ था। इनकी रुचि बचपन से ही गाना गानें और नाचने में था लेकिन उन्हें अपने इस शौक को काफ़ी दिनों तक मारना पड़ा था। और उन्हें अपने इस सुख को पूरा करने में वक़्त के साथ काफी मेहनत भी लगी थी। इन्होने एक इंटरव्यू के दौरान अपने जीवन के संघर्ष के बारे में बताया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पिता बाजार में चने बेचा करते थे। यह काम मेरे पिता दिन में करते थे और रात को गार्ड की नौकरी करते थे। उनके घर में पूरे 7 बच्चे थे, जिसमें उनके चचेरे भाई भी शामिल थे।

आपको बता दें कि खेसारी लाल अपने सातों भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता चने बेच कर अधिक कमाई नहीं कर पातें थे इसलिए वे सातों भाइयों को अधिक शिक्षा नहीं दिला पाएं थे। वर्ष 2006 में खेसारी लाल यादव की शादी चंदा नाम के एक लड़की से हुई । खेसारी बताते हैं कि उस वक़्त उनके पास अपनी शादी का सेहरा खरीदने का भी पैसा नहीं था। चंदा के साथ शादी करने पर उन्हें एक बेटी हुई। हालांकि , हमेशा से उनका नाम काजल राघवानी के साथ जोड़ा जाता है, जिस पर खेसारी लाल यादव ने कभी हामी नहीं भरी है।